सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक जटिल न्यूरोसर्जरी द्वारा 60 वर्षीय पुरुष मरीज की आर्टिफ़िशियल कस्टमाइज़्ड खोपड़ी की हड्डी सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई। मरीज को लगभग चार माह पूर्व उच्च रक्तचाप के कारण ब्रेन हैमरेज हो गया था, जिसके चलते आपातकालीन स्थिति में ऑपरेशन करना पड़ा। जान बचाने के लिए उस समय खोपड़ी की हड्डी का एक हिस्सा निकालना आवश्यक हो गया था, जिसके कारण सिर के बाईं ओर गड्ढे जैसा बन गया था।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पेट में सुरक्षित रखी गई खोपड़ी की हड्डी में संक्रमण हो गया, जिससे वह पूरी तरह खराब हो गई। मरीज को पूरी तरह होश में आने और सामान्य स्थिति में लौटने में लगभग चार माह का समय लगा। इसके बाद खोपड़ी की पुनः संरचना एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया।
न्यूरोसर्जन डॉ. सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि आधुनिक तकनीक की सहायता से इस समस्या का समाधान संभव है। इसके लिए मरीज का 3D सीटी स्कैन किया गया, जिसके आधार पर 3D रीकंस्ट्रक्शन तकनीक द्वारा PEKK पॉलिमर से कस्टमाइज़्ड आर्टिफ़िशियल खोपड़ी की हड्डी तैयार की गई। यह पॉलिमर पूरी तरह सुरक्षित, टिकाऊ और शरीर के अनुकूल होता है।
इस आर्टिफ़िशियल हड्डी को ऑपरेशन के दौरान टाइटेनियम प्लेट और स्क्रू की सहायता से स्थापित किया गया। पूरी सर्जरी में लगभग तीन घंटे का समय लगा। इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. सौरभ श्रीवास्तव के साथ डॉ. विकास नारायण, डॉ. अनिल शर्मा, अशोक कुमार सिंह एवं संदीप सर्जिकल टीम का हिस्सा रहे।
मरीज की स्थिति अब संतोषजनक है। परिजनों ने इस सफल एवं जटिल सर्जरी के लिए चिकित्सकों एवं सिटी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
0 Comments